हाल -ए- दिल......💗



चाहकर भी तुझे अब चाह नही सकता. वक्त क्या था अब क्या है इस चालू वक्त में बीतें वक्त कि दास्ताँ बता नही सकता. इक मैं था इक तूम थे. जिंदगी क्या है किसे पता था. तुम थी मैं था बस यही जिंदगी मान ली थी मैंने. इक दिन तेरा कॉल आया. हर रोज सुबह तुम कॉल करती थी आज भी आया. तुम चूप थी मैं नींद में था. मुझे लगा कुछ बोलोगी या फिर चिल्लाकर मेरी नींद खराब कर दोगी लेकिन ऐसा कुछ हुआ नही. फिर मैं हि नींद से उठा और अपनी जगह से भी. मैने हॅलो-हॅलो दो-तीन बार बोला बाद में तुम बोलने लगी और मैं सुनता रहा. तुम्हे कोई और चाहने लगा है ऐसा तुमने कहा. मैंने सून लिया. उसे तुम पसंद हो ऐसा तुमने कहा. मैंने सून लिया. वो तुम्हे तीन साल से देख रहा है तुमसे प्यार कर रहा है. मैंने सून लिया. उसके घर मै न जाने कितने खिलौने जो तुम्हे पसंद है. कितने सारे गिफ्ट्स. कितने सारे गुलाब के फुल उसके घर में पडे हुए है. ऐसा तुमने कहा. वो मैंने सून लिया. अब उसका ये सब प्यार देखकर तुम्हे.... उसके लिये अपने दिल मे अब प्यार महसूस होने लगा है. मैंने ....... ये भी सून लिया. आगे तुम मेरा कुछ सून लेती या फिर मैं कुछ बोलता तुमने कॉल कट किया. मेरी नींद कब कि खुल गयी.मेरी जिंदगी अब खत्म हो ऐसा लगने लगा. कुछ ज्यादा नही चाहिये था मुझे बस एक तो तुमसे बात करनी थी या फिर मरना था. मैंने तुझे कॉल किया. "आपने लगाया हुआ नंबर इस समय व्यस्त है कृपया थोडी देर बाद कोशिश कीजिये"मेरी सुनकर बस हालत और खराब होने लगी. फिर भी पाँच बार मैंने कॉल किया और फिर जब छठी बार तुमने कॉल उठाया तब तुमने कहा "क्या अभी भी तुम मुझसे प्यार करते हो ?" मैंने हा हि कहा तब दुसरी आवाज आई मैं भी करता हुँ. कॉल कट हुआ. न जाने कितनी बातें कितनी यादे कितने हसीन पल एकसाथ जीए थे हमने आज कोई गैर उसको चाहने लगा तो उसे भी उसका प्यार सच्चा लगा. जब पहली दफा उसे उसके हि बर्थ-डे पे मैंने प्रपोज किया था, उसने हा कहा था. हुआ ये के मेरी फ्रेंड थी वो तो मैंने उसकी फेवरेट कॅडबरी और एक टेडी दिया. ऊस टेडी के हाथ मे एक कागज पर 'आय लव्ह यु' लिखकर उसे वो दे दिया. उसने कुछ जवाब नही दिया लेकिन अगले दिन से वो मेरे ज्यादा करीब हो गयी. मेरी फ्रेंड अब मेरी गर्लफ्रेंड लगने लगी. कुछ वक्त साथ गुजारे और एक महिने बाद जब हम मेरे बर्थ-डे को मेरे घर मिले तब उसने मुझे गिफ्ट नही दिया. वो कहती रही कि उसे मेरी चॉईस मालूम नही.  तो फिर मैंने भी उसे कुछ मांगा नही लेकिन, जाते वक्त उसने मुझे किस किया. अब वो बोले या ना बोले प्यार तो है हम दोंनो को ये फिक्स हो गया था. पहला किस बाद मैं बहुत सारे. फिर इकत्तीस दिसंबर कि रात को जब हमने फ्रेंड के घर में पार्टी कि इक साथ पी ली तब हमारे बीच वो हो गया. जिससे बाद मे वो प्रेग्नन्ट भी हो गयी. मैंने उससे शादी करने का वादा भी किया लेकिन उसने अबॉर्शन करवाया. फिर भी हम प्यार मे थे. मिलते थे. घुमने जाते थे. खाना खाने फिल्म देखने जाते थे. और फिर जब व्हेलेंटाईन के दिन उसके के लिये मैंने एक सिल्वर रिंग खरिदी और उसे दि उसने वो ली. मैं खुश था. मैं मंदिर गया वहा भगवान को थँक्स बोलने लगा. जब दुसरे दिन उसे मिला मेरी रिंग उसके हाथ मे नही थी. वो उसकी गाडी कि चाबी के किचन के साथ लगायी हुई दिखी. मै उसमे भी खुश था. हाथ मैं नही लेकिन कही तो है मेरा प्यार उसके पास उसके करीब. और अब उसे कोई मिल गया तो.... उसने मुझे छोड दिया. हमारा प्यार. हमारा वो किस. हमारा सेक्स. सब वो भूल गयी. मै अंदर से कितना मर रहा हुँ उसके लिये. कितना वक्त मैंने उसके लिये जाया किया पता नही उसे. मेरे पास उसकी कितनी यादे है क्या पता उसे लेकिन..... कल आये हुए ऊस शक्स का उसे प्यार पता है दिखता है और महसूस भी होता है... वाह क्या बात है.........
हर शाम तेरी याद आती है बस नींद को अब सुबह के बजाये शाम आना होगा. लेकिन वो मुंमकिन नही.


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